इस कदर बात बढ़ाओगे, कहाँ जाओगे?
ClassicalFolkTraditional Folk
Létrehozta::Lyrics To Music
Létrehozva:2026. jún. 15.
Időtartam:2:22
इस कदर बात बढ़ाओगे, कहाँ जाओगे? तल्ख़ अंदाज़ दिखाओगे, कहाँ जाओगे? नए अरमान भी चाहेंगे तवज्जों अपनी, टूटते ख़्वाब सजाओगे, कहाँ जाओगे? इस कदर बात बढ़ाओगे, कहाँ जाओगे? चार बातों का निगाहों पे असर क्या लेना, इनको आईना बनाओगे, कहाँ जाओगे? इस कदर बात बढ़ाओगे, कहाँ जाओगे? बात तारीफ़ की है, अपनी हो की गैरों की, खामियां सबमें गिनाओगे, कहाँ जाओगे? इस कदर बात बढ़ाओगे, कहाँ जाओगे? तुम हकीक़त ही नहीं, ख़्वाब में भी शामिल हो, मेरी दुनियां से जो जाओगे, कहाँ जाओगे? इस कदर बात बढ़ाओगे, कहाँ जाओगे? तल्ख़ अंदाज़ दिखाओगे, कहाँ जाओगे?
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